Reservist will complete his journey by spreading the garbage. This rocket is at least 5 times more efficient rocket engine than existing cryogenic rocket engines which is completely indigenous rocket engine made from Indian space material.
This engine will be able to receive planets, moons, stars and other space components. Research instruments spread across the universe to invisible forces, particles and contacts of invisible civilizations like an ether can be argued. Cancer, X gene or all the diseases related to DNA can be eradicated from the country. The rocket system built by the Institute (MAMTA-SCRO) is capable of carrying energetics, electrons, protons, neutrons, photons, will be able to do research on gluon, muon, ty, hadron etc. The single stage rocket is designed in such a way that every event happening in the entire universe information will start pouring in on South Earth. Single stage rocket - K. Parts like fuel pump injector, nozzle, fuel/ combustion chamber etc. The artefacts are crafted with the very latest workmanship i.e. technology which is the first technology in the world. The Rover Lander and all the satellites were designed/incorporated with innovative weapons such that even the subtle force exerted by the Gravitational Graviton Effect on the planets in the Universe can be measured. Heinous incidents like rape can be stopped completely with the help of equipment on the rocket.
- MAMTA SCRO
- Reusable Rocket
- Advanced Research
MOLECULE ATOMIC MOMENTUM THERMO AND SPACE COSMOS RESEARCH ORGANIZATION
ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्र एवं समस्त मानवजाति के कल्याण हेतु मुख्य कार्य एकल चरणीय एवं पूर्ण पुन: प्रयोज्य रॉकेट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा डिजाइन किया गया है जो उपग्रहों, टेलीस्कोप आदि को एक साथ ही तथा एक ही बार में LEO, MEO, GSo इत्यादि कक्षाओं में स्थापित करेगा। सटीकता से अध्ययन किया जा सकेगा।
पृथ्वी अथवा गुरुत्वाकर्षाणी चक्रण में रॉकेट अपना अधिक समय बर्बाद नहीं करेगा अर्थात अपने वांछित लक्ष्यों को कम से कम समय में प्राप्त करेगा। उपग्रहों, रिसर्च उपकरणों के अलावा रॉकेट के पुर्जे भी शोध करने में सकुशल उपयोगी है। जिनसे डार्क मैटर डार्क एनर्जी हैड्रोन आदि का सटीकता से अध्ययन किया जा सकेगा जिससे जनकल्याण में AIDS, कैंसर, जैसे घातक रोगों को समूल खत्म किया जा सकेगा। ऑर अपराधों पर निगरानी, न्यायव्यवस्था में पारदर्शिता, एवं शीघ्रताशील व्यवस्था का सकारात्मक निर्माण होगा, सैटेलाइट एवं राकेट्स को संस्थान (MAMTA SCRO) ने इस प्रकार डिजाइन एवं धातुमय अवस्था से निर्मित किया है कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण कर उसे खत्म किया जा सकेगा। संस्थान का पुन: उपयोगी / Reusable रॉकेट का सबसे कम खर्चीला. कम समय में अधिक दूरी तय करने में तथा सर्वाधिक थ़्रस्ट्/ प्रणोद के साथ सर्वाधिक वजन अंतरिक्ष में कही भी ले जाने में सक्षम है।
रॉकेट अंतरिक्ष / स्पेश में घर्षण मुक्त होगा जिससे वायुमंडलीय घर्षण के कारण लगने वाली आग का या ब्लास्ट का खतरा नही होगा/यह दुनियां में भारत का पहला राकेट है जो बिना फ्यूल टैंक बिना प्रदूषण तथा बिना कोई. अंतरिक्षीय कचरा फैलाए अपनी यात्रा पूर्ण करेगायह रॉकेट वर्तमान क्रायोजेनिक रॉकेट इंजनों से कम- से कम 5 गुना अधिक कार्य कुशल रॉकेट इंजन है जो पूर्णतः भारतीय अंतरिक्ष साम्रग्री से निर्मित स्वदेशी रॉकेट इंजन है।'यह इंजन ग्रहों, मंदाकिनियो तारों – पिन्डो आदि अंतरिक्षीय घटकों से बल प्राप्त करेगा/शोध-उपकरणों से ब्रह्माण्ड में फैले अदृश्य बलो, कर्णो तथा एलियन जैसी अदृश्य सभ्यताओं के सम्पर्क किया जा सकता है कैंसर,एड्स जीन या DNA से संबंधित तमाम रोगों का देश दुनियां से उन्मूलन किया जा सकेगा। संस्थान (MAMT-SCRO) द्वारा निर्मित रॉकेट प्रणाली ऊर्जा द्रव्यमान, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, फोटॉन, ग्लूऑन, म्यूऑन, टाइ, हैड्रॉन आदि पर रिसर्च या शोध करने में सक्षम होगे।एकल चरणीय रॉकेट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि समस्त ब्रह्माण्ड में हो रही हर घटना की सूचना तत्क्षण पृथ्वी पर दिखाना प्रारंभ कर देगा।एकल चरणीय रॉकेट - के. भाग जैसे टर्बोपम्प इंजेक्टर, नोजल, फ्यूल / ईथन. कम्बशन चेम्बर/ दहन कक्ष आदि को अति नवीनतम कारीगरी अर्थात कतकनीक से तैयार किया गया है जो विश्व में प्रथम तकनीक है। रोबर लैण्डर तथा समस्त सैटेलाइट को नवीनीकृत धातुओं से इस प्रकार समावेशित / डिजाइन किया गया है कि - ब्रह्माण्ड में गुरुत्वाकर्षण ग्रेवीटॉन आदि का गृहों पर लगने वाला सूक्ष्मतम बल भी मापा जा सकता है।
राकेट पर लगे उपकरणों से बलात्कार जैसी जघन्य घटनाओं पर पूर्णत: रोक लग सकेगी।